टोंक जिले में खाद्य सामग्री के कारोबार में बड़े स्तर पर मिलावट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए एक अवैध फैक्ट्री पर छापा मारकर करीब 5500 लीटर नकली दूध जब्त किया है। मौके से 5 से 6 पिकअप वाहन भी बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग सप्लाई के लिए किया जा रहा था।
सूत्रों के अनुसार, इस फैक्ट्री से प्रतिदिन लगभग 80 हजार लीटर तक मिलावटी दूध बाजार में खपाया जा रहा था। जांच के दौरान कॉस्टिक जैसे रसायनों सहित कई संदिग्ध पदार्थ बरामद हुए, जिनका उपयोग दूध को गाढ़ा और सफेद दिखाने के लिए किया जाता था। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे रसायन मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जिले में नकली घी बनाने के मामले में भी कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद कई बड़े स्टोर्स और कंपनियों पर सस्ते ऑफर के नाम पर घटिया और मिलावटी उत्पाद बेचने के आरोप लग रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से नियमित सैंपलिंग और सख्त निगरानी की मांग की है। जनता का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर मिलावटखोरी पर प्रभावी रोक लगाई जाए, ताकि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
— इंडिया दस्तक न्यूज 24, विशेष रिपोर्ट