नमाजियों की संख्या सीमित नहीं की जा सकती: हाईकोर्ट

Allahabad High Court ने नमाज को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि नमाजियों की संख्या सीमित नहीं की जा सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजन के दौरान प्रशासन का दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि लोगों की संख्या तय करना।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि जिला प्रशासन कानून-व्यवस्था संभालने में सक्षम नहीं है तो संबंधित अधिकारी अपने पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा दे सकते हैं। अदालत की इस टिप्पणी को प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

साथ ही कोर्ट ने अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी कि किसी विशेष धर्म को लेकर अनावश्यक बयानबाजी से बचें। अदालत ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी माहौल को खराब कर सकती है और यदि कोई अधिकारी ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए निलंबन तक किया जा सकता है।

कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारी और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। अदालत ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसके लिए उचित व्यवस्था करना आवश्यक है।

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