जयपुर में असंगठित महिला कामगारों ने मनाया 115वां अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
जयपुर, 7 मार्च। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मेहनतकश कल्याण एवं संदर्भ केंद्र संस्था के संयुक्त तत्वावधान में असंगठित महिला कामगारों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संघर्षशील कामगार महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की कहानियों को साझा करना था।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बेटियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस तरह उन्होंने समूह बनाकर अपने जीवन में बदलाव लाया और परिवार को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर कई महिलाओं ने अपने संघर्षों की प्रेरणादायक कहानियां सुनाईं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं।
संस्था की सचिव मेवा भारती ने कहा कि लंबे समय तक समाज में महिलाओं के श्रम को उचित मूल्य नहीं मिला। चाहे घर का काम हो या किसी नियोक्ता के यहां किया जाने वाला श्रम, महिलाओं को अक्सर कमतर आंका गया। लेकिन जब महिलाओं ने संगठित होकर समूह बनाए और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया, तब उनके अधिकारों में धीरे-धीरे सुधार होने लगा।
उन्होंने बताया कि अब कई कामगार महिलाओं को काम के स्थानों पर मासिक चार छुट्टियां मिलने लगी हैं और उनके वेतन में भी बढ़ोतरी हुई है। साथ ही सरकार द्वारा लागू न्यूनतम वेतन से भी महिलाओं को लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम में विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पल्लवी शर्मा ने महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं और विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह संस्था श्रमिकों, कमजोर वर्गों और महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें न्याय दिलाने का कार्य करती है।
इस अवसर पर डॉ. प्रीतम पाल ने महिलाओं को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कामगार महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन रमावती ने किया।